नया बजट आने को हैं, लेकिन पिछला बजट…!

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एक सप्ताह बाद प्रदेश की बीजेपी सरकार अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करने जा रही है, लेकिन अफसर अब तक अपना पुराना बजट ही खर्च नहीं कर पाए हैं। बता दें कि 2 दर्जन सरकारी विभाग ऐसे हैं जिनके खजाने में 50 फीसदी से अधिक पैसा बिना खर्च के पड़ा है।

वैसे तो मंत्री सरकार के ऊपर अधिक से अधिक बजट का दबाव बनाने से नहीं चूकते हैं, लेकिन अब बजट का अच्छे से इस्तेमाल ना करके अधिकारी सरकार के प्रयासों पर पानी फेरते दिखाई दे रहे हैं।

वहीं वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु सरकारी विभागों के इस गैरजिम्मेदाना हरकत से नाराज हैं। इतना ही नहीं कैप्टन ने विभाग का बजट सही ढंग से इस्तेमाल ना करने पर अधिकारियों को अपनी नाराजगी भी जाहिर की है।

वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने पिछले वर्ष एक लाख 11 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, लेकिन इस राशि में से अब तक 60-65 फीसदी तक ही पैसा खर्च हो पाया है। बाकि 40 फीसदी तक पैसा खजाने में बेकार ही पड़ा हुआ है।

प्रदेश सरकार का गांवों के विकास पर ज्यादा ध्यान रहता है, लेकिन ग्रामीण विकास विभाग 18 फरवरी तक केवल 30 फीसदी ही खर्च कर पाया है। वहीं बागवानी विभाग 21 प्रतिशत और उद्योग 40 फीसद बजट ही खर्च कर पाया है। सिंचाई विभाग सीधे तौर पर किसानों से जुड़ा है, लेकिन इस विभाग में अब तक 40 फीसद बजट खर्च हुआ है, जबकि कृषि विभाग ने 45 फीसद ही बजट खर्च किया है।

देखा जाए तो प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन और खेलों में भी विभागों ने बजट में से खास खर्च नहीं किया है। राज्य सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का इरादा लेकर चल रही है। 18 जिलों में खोलने का दावा किया जा रहा है, लेकिन 4 जिले अभी भी बाकि हैं। मेडिकल विभाग में भी बजट से 49 फीसद तक ही खर्च हो पाया है।

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