2019-20 के लिए कुल 1,32, 165.99 करोड़ रुपये का बजट पेश

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कैप्टन अभिमन्यु ने बचट पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2018-19 में, स्थिर मूल्यों पर सकल राज्य मूल्य वर्धित की वृद्धि प्राथमिक क्षेत्र में 5.5 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र में 8.6 प्रतिशत और तृतीयक क्षेत्र में 8.2 प्रतिशत अनुमानित है। इसी अवधि के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तदनुरूपी आंकड़े प्राथमिक क्षेत्र के लिए 3.3 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र के लिए 8.6 प्रतिशत और तृतीयक क्षेत्र के लिए 7.3 प्रतिशत अनुमानित हैं।

कैप्टन अभिमन्यु ने कहा, मुझे यह बताते हुए बड़ा गर्व हो रहा है कि वर्ष 2014-15 से, स्थिर मूल्यों पर राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 34 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि अनुमानित है। वर्ष 2017-18 में स्थिर मूल्यों पर राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1,57,649 रुपये अनुमानित थी, जोकि वर्ष 2018-19 में 91,921 रुपये के अखिल भारतीय आंकड़े की तुलना में बढ़कर 1,68,209 रुपये होने की सम्भावना है। 2016-17 में राजस्व घाटा, जो कि जीएसडीपी का 2.92 प्रतिशत था, वर्ष 2019-20 के लिए जीएसडीपी का 1.53 प्रतिशत अनुमानित है।

कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि बजट अनुमान 2018-19 के 30,011.76 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की तुलना में, हम इसे संशोधित अनुमान 2018-19 में 35,040.59 करोड़ रुपये तक बढ़ाने में सक्षम हुए हैं। बजट अनुमान 2019-20 में यह और बढ़कर 37,924.09 करोड़ रुपये होने की सम्भावना है। कुल व्यय के अनुपात में, पूंजीगत व्यय 2017-18 के 22.50 प्रतिशत से बढ़कर संशोधित अनुमान 2018-19 में 29.11 प्रतिशत हो गया। बजट अनुमान 2019-20 में यह कुल बजट का 28.69 प्रतिशत बढ़ने की सम्भावना है।

2019-20 के लिए कुल 1,32, 165.99 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव पेश किया गया, किसानों की वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा के लिए 1500 करोड़ का प्रावधान, किसान पेंशन और अन्य स्कीमों पर खर्च होगी राशि, 15 हजार मासिक से कम आय वाले पांच एकड़ तक की भूमि के काश्तकार किसान परिवारों और श्रमिक परिवारों को होगा लाभ।

2019-20 के लिए, 1,32,165.99 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव, जोकि बजट अनुमान 2018-19 के 1,15,198.29 करोड़ रुपये के परिव्यय पर 14.73 प्रतिशत और संशोधित अनुमान 2018-19 के 1,20,375.40 करोड़ रुपये से 9.79 प्रतिशत अधिक है। इस बजट परिव्यय में 37,924.09 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय के रूप में 28.7 प्रतिशत और 94,241.90 करोड़ रुपये के राजस्व व्यय के रूप में 71.3 प्रतिशत परिव्यय शामिल है।

1.32 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट में से 46562.37 करोड़ रुपये प्रदेश में क्रियान्वित किए जा रहे 15 सतत विकास लक्ष्यों से सम्बन्धित योजनाओं के लिए आवंटित किए गए हैं।

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