अयोध्या मामला: मध्यस्थता असफल, 6 अगस्त से प्रतिदिन होगी सुनवाई

0
29
supremecourt

नई दिल्ली: अयोध्या विवादित भूमि के मामले में मध्यस्थता असफल होने के बाद सप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामले पर 6 अगस्त से प्रतिदिन सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद जमीन विवाद को मध्यस्थता से हल करने के लिए आठ मार्च को एक कमेटी बनाई गई थी, लेकिन अदालत ने महसूस किया कि यह मध्यस्थता असफल हो गई है इसलिए अब 6 अगस्त से मामले की प्रतिदिन सुनवाई का आदेश दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एफ.एम.आई कलिफुल्ला की अगुवाई में बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी में अदालत को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जमीन विवाद को हल करने के लिए उसकी कोशिशें असफल साबित हुई हैं। इस कमेटी में कलिफुल्ला के अलावा आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर, सीनियर वकील श्रीराम पंचू शामिल थे।

बहस पूरी होने तक प्रतिदिन होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने अपने रजिस्ट्री दफ्तर को जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज तैयार रखने के लिए कहा है क्योंकि अब 6 अगस्त से इस मामले की सुनवाई प्रतिदिन होगी। बहस पूरी होने तक इस मामले की प्रतिदिन के आधार पर सुनवाई होगी। इससे पहले एक याचिकाकर्ता ने अदालत में याचिका दायर करके कहा था कि इस मध्यस्थता से कोई नतीजा निकलता हुआ दिखाई नहीं दे रहा जिसके बाद अदालत ने कमेटी से एक रिपोर्ट मांगी थी।

सुप्रीम कोर्ट में 6 अगस्त से उन 14 याचिकाओं पर सुनवाई शुरू होगी जो इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के बाद दायर की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अयोध्या में 2.77 एकड़ जमीन को तीन पक्षों सुन्नी वक्फ बोर्ड, निरमोही अखाड़ा और राम लल्ला में बराबर-बराबर बांट दिया जाए।