आखिर क्यों ऊना के 25 निजी स्कूल हुए डिफाल्टर घोषित ?

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शिक्षा विभाग ने जिले के 25 निजी स्कूलों को विभागीय कार्य समय पर न करने तथा निर्देशों की अवहेलना करने पर डिफाल्डर घोषित कर दिया है। शिक्षा विभाग इन निजी स्कूलों को बार-बार निर्देश जारी कर सत्र 2018-19 और 2019-20 की विद्यार्थियों से ली फीस और फंड की रिपोर्ट मांगी थी।

जिले के 96 से 71 स्कूल ने कुछ दिन देरी के बाद रिपोर्ट जमा करवा दी। बाकी स्कूलों ने अभी तक भी विभाग के निर्देशों को नहीं माना। इसके चलते शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए डिफाल्टर घोषित कर दिया है। 

शिक्षा विभाग का कहना है कि डिफाल्टर स्कूलों की रिपोर्ट बनाकर वह शिमला निदेशालय भेजेंगे। इसके बाद इन निजी स्कूलों को चलाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से मिलने वाली एनओसी रद्द कर दी जाएगी।

उच्चतर शिक्षा निदेशक बीआर धीमान ने बताया कि शिक्षा विभाग के निर्देशों की अवहेलना करने वाले किसी भी स्कूल को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही इन डिफाल्टर स्कूलों की रिपोर्ट शिमला भेजी जाएगी और सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग की ओर से घोषित डिफाल्टर गैर सरकारी सीसे स्कूलों में एसटी डीआर पब्लिक स्कूल गगरेट, माता सत्यावती एसएसएन बंगाणा, गोकुल मोंटेस्सरी नैहरियां, एसटी मीरा पब्लिक स्कूल पंजावर, बाबा पब्लिक स्कूल नंगल जरियाला, डीएवी सेंटेनरी स्कूल ऊना, शांति इंटरनेशनल स्कूल नकडोह, डीडीएम इंटरनेशनल स्कूल गोंदपुर बनेहड़ा, केवी इंटरनेशनल स्कूल धुसाड़ा, पीएमआर इंटरनेशनल स्कूल रपोह मिसरा, माउंट कार्मल पब्लिक स्कूल रक्कड़ कॉलोनी शामिल हैं।

इसके अलावा उच्च स्कूलों में पीटी देवी दास शास्त्री एसवीएम कटोहड़ खुर्द, एसटी रामा मॉडल स्कूल हंबोली, सरस्वती विद्या मंदिर रायपुर सहोड़ा, जेआर मॉडल स्कूल कुरियाला, सरस्वती बाल मंदिर स्कूल संतोषगढ़, इंडियन पब्लिक स्कूल पंजोआ लडोली, हिमालय कांवेंट पब्लिक स्कूल भंजाल, धशमेश पब्लिक स्कूल गुरपलाह साहिब, आदर्श पब्लिक स्कूल पंडोगा, शहीद भगत सिंह मेमोरियल हंबोली, ज्योति पब्लिक स्कूल देहलां, सरस्वती विद्या मंदिर चिंतपूर्णी और जेएस विज्डम वल्ड स्कूल अंब शामिल हैं।



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