उन्नाव बलात्कार मामला: सेंगर को भाजपा से निकाला

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लखनऊ: नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार मामले में आरोपी भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निकाल दिया गया है। रायबरेली में हुए एक सड़क हादसे में बलात्कार पीड़िता और उसके वकील के बुरी तरह घायल होने और दो महिलाओं की मौत होने की घटना के बाद सेंगर पर यह कार्रवाई की गई है। इस हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी।

लड़की की मां ने आरोप लगाया था कि यह उसके परिवार को खत्म करने की साजिश है। इस मामले में पुलिस ने सेंगर और 9 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को विपक्ष और जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा था। उत्तर प्रदेश सरकार की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया है। बलात्कार मामले में उत्तर प्रदेश के बांगरमऊ इलाके से भाजपा विधायक सेंगर को पिछले साल 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया था।

कुछ दिन पहले लड़की अपने वकील, चाची और मौसी के साथ जेल में बंद अपने चाचा को मिलने जा रही थी कि रायबरेली में एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी थी जिस कारण चाची और मौसी की मौत हो गई थी और लड़की व उसका वकील बुरी तरह घायल हो गए थे। लड़की के पिता की कुछ समय पहले ही पुलिस हिरासत में मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी यह कहकर भारतीय जनता पार्टी का विरोध कर रही थी कि बलात्कार के आरोपी को पार्टी में क्यों रखा गया है और उसके राजनीतिक संरक्षण क्यों दिया जा रहा है। इस पर भाजपा ने कहा था कि सेंगर को बहुस समय पहले ही पार्टी से निलंबित किया जा चुका है और यह निलंबन अब भी जारी है।

राजनीति में मजबूत दबदबा है सेंगर का
सेंगर ने 90 के दशक में कांग्रेस के साथ जु़ड़कर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। 2002 में वह बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए और पहली बार सेंगर ने उन्नाव सदर सीट से चुनाव जीते। 2007 में सेंगर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और बांगरमऊ सीट से विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। 2012 के विधानसभा चुनाव में सेंगर को उन्नाव में भगवंत नगर सीट से चुनाव लड़वाए गए और इसमें भी सेंगर ने जीत हासिल की। इसके बाद 2017 में सेंगर भाजपा में शामिल हो गए और फिर से बांगरमऊ सीट से विधायक बने।