चंबा: सड़क न होने से लोग परेशान, नेताओं से आश्वासन तो मिला पर सड़क नहीं

0
16

चंबा (साहिल शर्मा): पिछले करीब एक साल से ठेकेदार व विभाग के सुस्त रवैये की वजह से भड़ियां व आस-पास के गांव में रह रहे लोगों को सड़क नहीं होने के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि करीब एक साल पहले चंबा से मात्र 5 किलोमीटर दूर भड़ियां गांव के लिए करियां के पास रावी नदी पर बने पुल के साथ भूस्खलन की वजह से यहां के ग्रामीणों का सम्पर्क मुख्यालय से टूट गया था। यहां रावी नदी पर बने पुल के साथ ही एक नया पुल बनाया जा रहा है और जहां इस पुल का काम किया जा रहा है, वहीं पर यह भूस्खलन हुआ था जिस कारण रास्ता न होने पर दोनों तरफ फसी गाड़ियां को शरारती तत्वों द्वारा उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा हैं।

रात के समय उनकी गाड़ियों और मोटरसाइकिल के इंडिकेटर व शीशे तोड़ दिए जाते हैं जिसकी वजह से लोगों को काफी नुकसान हो रहा है। इससे पहले भी यह लोग इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय विधायक और प्रशासन से मिले हैं लेकिन उनकी समस्या का कोई हल नहीं किया गया। हालांकि इस मामले को लेकर चंबा सदर के विधायक पवन नैय्यर करीब 20 दिन पहले इन लोगों की समस्या को देखने के लिए यहां आए थे। उन्होंने लोगों को 1 महीने में सड़क बहाली का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक इन लोगों की समस्या का कोई हल नहीं हो पाया है। देर रात जब लोगों की गाड़ियां के इंडिकेटर व शीशे तोड़े गए तब यहां के युवा भड़क गए और उन्होंने ठेकेदार के कर्मचारियों को बुलाकर काम बंद करने के लिए कहा था।

उनका यह कहना है कि जब तक यहां सड़क नहीं बनाएगी तब तक वे उन्हें कार्य नहीं करने देंगे। इन लोगों का कहना है कि लोगों को इस सड़क टूटने से काफी दिक्कत हो रही है। उन्हें अपने गांव में आने-जाने के लिए कोई भी साधन नहीं है, इसलिए उन्हें पैदल चलकर मुख्यालय आना पड़ता है। अगर गांव में कोई बीमार हो जाता है तो उसे पीठ पर उठाकर लाना पड़ता है। महिलाओं को अपने सर पर सामान उठाकर लाना पड रहा है। यहां तक कि सिलेंडर भी उन्हें अपने सर पर उठाकर लाने ले जाने पढ़ते हैं जिसकी वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना कर पढ़ रहा है।

रावी नदी के ऊपर बने इस करिया का सीधा वास्ता भड़ियां पंचायत में रह रहे ग्रामीण लोगों से है। बजुर्ग हो या फिर कोई बड़ा या फिर स्कूल या कॉलेज जाने वाले सभी बच्चे जो अक्सर इसी पुल से होकर आते-जाते हैं। आज करीब एक वर्ष होने को आया है, ग्रामीण लोगों को रास्ता न होने पर भारी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने कहा कि उन्हें आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपनी जरूरत का सामान सर पर उठाकर लाना पड़ता है जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि उनके बच्चों की गाड़ियां सड़क के किनारे रात को खड़ी रहती हैं और रात को कोई उन गाड़ियों के इंडिकेटर व शीशे तोड़ जाते हैं जिससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनके गांव को जोड़ने वाली सड़क को जल्द सही किया जाये ताकि उन्हें किसी भी तरह की दिक़्क़तों का सामना न करना पड़े।

यहां के स्थानीय युवाओं ने बताया कि करीब साल पहले हमारे गांव को मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क टूट गई थी, लेकिन अभी तक उस सड़क को नहीं बनाया गया है। उन्होंने बताया की यहां पर पुल का कार्य हो रहा है, लेकिन वह कार्य इतना सुस्त है, जिसकी वजह से उन्हें दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि इस बारे उन्होंने स्थानीय विधायक से भी बात की और उन्होंने आश्वाशन दिया था कि 20 दिनों में यह सड़क बन जाएगी ऐसा था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और यह सभी लोग हम लोगों का बेवकूफ बना रहे है। इन लोगों ने बताया कि सड़क नहीं होने पर वह अपनी गाड़ियां सड़क के दूसरी तरफ किनारे पर पार्क की हुई है, पर अज्ञात लोग रात को उनकी गाड़ियों के शीशे तोड़ जाते हैं जिससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अगर हमारे आने-जाने के लिए सड़क नहीं बनाएगी तब तक हम इस पुल का काम नहीं होने देंगे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि भड़ियां के लिए जल्द से कोई वैकल्पिक मार्ग बनाया जाए ताकि उन्हें किस तरह की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े।