परदादा, दादा, और पिता के बाद अब पुत्र ने भी की आत्महत्या, यह है कारण

0
29
lovepreet

बरनाला: एक ओर जहां सरकारें किसानों की भलाई के लिए कई योजनाएं शुरू करने का दावा करती हैं, किसान कर्ज के भार के नीचे बुरी तरह दबा हुआ है। कर्ज के भार के चलते एक ही परिवार के पांचवें सदस्य ने भी आत्महत्या करके अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना में आठ लाख कर्ज के भार के नीचे दबे पहले परदादा, दादा, पिता और चाचा के बाद अब इस परिवार के 22 वर्षीय पुत्र ने भी मौत को गले लगा लिया।

दिल दहला देने वाली यह घटना पंजाब के बरनाला के भटोला गांव की है। यह किसान परिवार आठ लाख रुपए कर्ज के भार तले दबा हुआ है जिसके चलते 22 वर्षीय लवप्रीत सिंह ने जहर निगलकर आत्महत्या कर ली। लवप्रीत सिंह से पहले उसके परदादा जोगिंदर सिंह, दादा भगवान सिंह, पिता कुलवंत सिंह इस कर्ज के कारण ही आत्महत्या कर चुके हैं। लवप्रीत के दादा के भाई नाहर सिंह ने भी आत्महत्या कर ली थी। मृतक लवप्रीत सिंह की मां हरपाल कौर ने कहा कि कर्च चुकाने में असमर्थ रहने पर उसके पुत्र ने आत्महत्या की है। हरपाल कौर ने मांग की कि लवप्रीत सिंह की बहन और उसकी बेटी मनप्रीत कौर को सरकारी नौकरी दी जाए और कर्च माफ किया जाए क्योंकि इस कर्ज के कारण ही उसका पूरा परिवार आत्महत्या कर चुका है। गांव के लोगों ने बताया कि इस परिवार के पास करीब 14 एकड़ जमीन थी लेकिन अब इस परिवार के पास सिर्फ एक एकड़ ही जमीन बची है क्योंकि 13 एकड़ जमीन बिक चुकी है। आत्महत्या की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
डिप्टी कमिश्नर टीपीएस फूलका ने कहा है कि राज्य सरकार ने कर्ज माफी योजना में कई किसानों को शामिल कर लिया है। राज्य सरकार ने पिछले साल लवप्रीत के पिता कुलवंत सिंह के नाम पर चल रहा 57.330 रुपए का कर्ज माफ कर दिया था।

lovepreet

करीब 40 साल पहले कर्ज के कारण लवप्रीत सिंह के परदादा जोगिंदर सिंह ने आत्महत्या की थी और 25 साल पहले लवप्रीत सिंह के दादा भगवान सिंह ने कर्ज उतारने में असफल रहने पर आत्महत्या की थी। करीब 10 साल पहले भगवान सिंह के भाई नाहर सिंह ने भी कर्ज के कारण आत्महत्या कर ली थी। पिछले साल 2018 में इसी कर्ज के दबाव के कारण लवप्रीत के पिता कुलवंत सिंह ने भी आत्महत्या कर ली थी।