प्रधानमंत्री मोदी ने कारगिल के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली: आज 26 जुलाई 2019 को चाहे कारगिल युद्ध को हुए पूरे 20 साल हो गए हैं, लेकिन इस युद्ध में शहीद हुए भारतीय जवानों की शहादत आज भी भारतीयों के दिलों में ताजा है। 26 जुलाई का दिन हर साल कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। 26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त की थी। इस युद्ध में भारत के 500 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे और करीब 1300 जवान घायल हुए थे। इस युद्ध की शुरूआत पाकिस्तान ने उस समय की थी जब उसने कारिगल पर अपने सैनिकों के साथ कब्जा कर लिया था और फिर भारत ने दो महीने तक चले युद्ध में पाकिस्तान को हराकर कारगिल से भगाया था।

कारगिल के शहीदों को याद करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किए। आज 26 जुलाई का दिन शहीदों की बहादुरी के रूप में मनाया जाता है। मोदी ने उस समय की जवानों के साथ अपनी तस्वीर भी शेयर की। अपने ट्वीट में मोदी ने कहा कि कारगिल युद्ध के बाद उन्हें कारगिल जाने और जवानों के साथ मुलाकात करने का मौका मिला था। 1999 में मोदी जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भाजपा के लिए काम करते थे।

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, आर्मी चीफ बिपिन रावत आदि ने भी कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कारगिल युद्ध के शहीदों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

संसद में भी शहीदों को याद किया गया। लोकसभा ने राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ लड़ाई नहीं लड़ सकता। जवानों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि संसद में कारगिल युद्ध के बारे में विचार-विमर्श होना चाहिए। राज्यसभा के स्पीकर एम. वेंकैया नायडू ने भारतीय जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता।