सुषमा स्वराज का निधन, 25 साल की उम्र में बनी थी कैबिनेट मंत्री

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नई दिल्ली: पूर्व विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज की बीती रात निधन हो गया। दिल का दौरा पड़ने के कारण 67 वर्षीय सुषमा स्वराज को दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाया गया था जहां मंगलवार की रात करीब 11 बजे उनका निधन हो गया।

आज बुधवार दोपहर 12 से 3 बजे तक उनका शव दिल्ली स्थित भाजपा के मुख्य दफ्तर में लाया गया जहां लोग उनके अंतिम दर्शन किए। इसके बाद शाम को लोधी रोड स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 37ए हटाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यावाद करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा था कि वह इसी दिन का इंतजार कर रही थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने सुषमा स्वराज के निधन पर दुख जताया है। हरियाणा के अंबाला कैंट में जन्मीं सुषमा सबसे कम उम्र में हरियाणा कैबिनेट मंत्री बनीं थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज के निवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मोदी ने कहा कि स्वराज बिना थके काम करती थी। सुषमा स्वराज की मौत पर अफसोस जताते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी में दो दिन के लिए शोक की घोषणा की है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा कि देश ने एक अच्छा नेता खो दिया है। स्वराज ने लाखों लोगों के दिलों में उम्मीद की किरण पैदा की थी। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करके कहा है कि सुषमा स्वराज के भारतीय राजनीति में दिए सहयोग को हमेशा याद रखा जाएगा।

भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कहा कि सुषमा स्वराज की अचानक हुई मौत से पूरा देश हैरान और दुखी है। स्वराज ने अपनी सारी जिंदगी महिलाओं की स्थिति में सुधार करने में व्यतीत की।

14 फरवरी 1952 में हरियाणा के अंबाला कैंट में पैदा हुईं सुषमा स्वराज ने पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की अपनी पढ़ाई पूरी की और 1973 में सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस शुरू की। 1998 में सुषमा स्वराज हरियाणा विकास पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा सदस्य चुनी गई। साल 1975 में स्वराज कौशल के साथ उनका विवाह हुआ था। सुषमा स्वराज की एक बेटी बांसुरी है जो खुद भी वकील है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री रहीं सुषमा स्वराज साल 2014 से 2019 तक भारत की विदेश मंत्री रही।