हनीप्रीत को नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट के जज जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को किया अलग

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चंडीगढ़ : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एक जज ने बलात्कार मामले में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की दत्तक बेटी हनीप्रीत की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।

बताया जाता है कि हनीप्रीत 25 अगस्त, 2017 को हरियाणा के पंचकूला में हुई हिंसा के मामले में जेल में है। अब इस मामले को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाएगा ताकि मामले को दूसरी बेंच को सौंपा जा सके। हनीप्रीत के वकील ने कहा कि हिंसा में उनकी कोई भूमिका नहीं है और बाद में उनका नाम एफ.आई.आर. में जोड़ा गया। हनीप्रीत ने जमानत देने की मांग करते हुए कहा था कि 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में हुए दंगों के दौरान वह गुरमीत राम रहीम के साथ थी। उसे इन दंगों के बारे में जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद उस पर मामला दर्ज कर लिया गया। हनीप्रीत ने कहा कि उसने 3 अक्टूबर 2017 को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।

बता दें कि राम रहीम को अगस्त 2017 में दो महिलाओं के साथ बलात्कार करने के लिए 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। जनवरी में पंचकुला की एक विशेष अदालत ने 16 साल पहले एक पत्रकार की हत्या के लिए उसे और तीन अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद पंचकूला और सिरसा में हिंसा हुई, जिसमें 41 लोग मारे गए और 260 से अधिक घायल हुए। वहीं कुछ महीनों पहले, हनीप्रीत सहित व सभी आरोपियों पर पंचकूला के हिंसा मामले में सुनवाई हुई थी। हालांकि मामले में कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। हनीप्रीत सहित सभी आरोपियों को पंचकूला कोर्ट में पेश किया गया था। हनीप्रीत सहित न्यायिक हिरासत में चल रहे सभी छह आरोपियों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था।