हरियाणा के फरीदपुर में निकलीं कुषाण काल की मूर्तियां, शिवलिंग और नंदी की मूर्ति भी मिली

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घरौंडा : हरियाणा के फरीदपुर गांव में रेत खनन करते समय हजारों साल पुरानी मूर्तियां मिलने का मामला सामने आया है जहां खनन के दौरान 30 फुट की गहराई में मिली पौराणिक मूर्तियों को लेकर पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। वहीं खुदाई के दौरान निकली ईंटे कुषाण काल से संबंधित हैं।

पुरातत्व विभाग के अनुसार मंगलवार को खुदाई में मिली मूर्तियां भोज काल की बताई जा रही हैं जबकि खुदाई के दौरान मिली ईंटें कुषाण काल से संबंधित बताई जा रही हैं। हालांकि पुरातत्व विभाग के मुताबिक, शिवलिंग, नंदीगण और स्तंभ आठवीं या नवीं सदी में निर्मित होती थी। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की ईंटों का निर्माण पहली सदी में किया जाता था।

सूत्रों के अनुसार इस काल में बनी ईंटों के पीछे उंगलियों के निशान बने होते थे और ऐसा ही कुछ खुदाई के दौरान मिली ईंटों में भी मिला है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये ईंटें लगभग दो हजार साल पुरानी हैं। पुरातत्व के एक अधिकारी ने बेहद बारीकी से शिवलिंग और नंदी की मूर्ति की जांच की जिसके बाद उन्होंने कहा कि यहां मिली प्राचीन कला कृतियों का ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत अधिक महत्व है।

खान में शिवलिंग प्रकट होने की सूचना के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राठौर गांव में पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठक भी की जिसके बाद उन्होंने घोषणा की कि गांव में भव्य शिव मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीन के 30 फीट अंदर से प्रकट हुए हैं इसलिए मंदिर का नाम पाताल महादेव रखा जाएगा। गांव के ग्रामीणों ने शिवलिंग को मंदिर में स्थापित करने की बात कही है।