गुरू की नगरी पांवटा साहिब में रेलवे लाइन ठण्डे बस्ते में

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पांवटा साहिब (भीम सिंह): जिला सिरमौर को रेल लाइन से जोड़ने का मुद्दा सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। भाजपा व कांग्रेस के सत्तारूढ़ी नेता जिला सिरमौर के लोगों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के मुंगेरी लाल के सपने दिखाते आ रहे हैं। वहीं चुनाव खत्म होते ही सिरमौर जिला में रेल पहुंचने की उम्मीद भी खत्म हो जाती है।

जिला सिरमौर के उद्योगपतियों द्वारा भी पिछले 3 दशकों से जिला के औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब व कालाअंब को रेल लाइन से जोड़ने की मांग उठाई जा रही है। भाजपा सांसद वीरेंद्र कश्यप ने क्षेत्र की भोली भाली जनता को रेल के सपने दो बार दिखा दिए हैं। उसके बाद वर्तमान के सांसद सुरेश कश्यप ने पांवटा की जनता को लोलीपॉप दिया है। प्रदेश में भाजपा की सरकार पूर्ण बहुमत से बनी है। उसके बावजूद भी गुरू की नगरी के सपनों को भाजपा सरकार चार चांद नही लगा सकी। यथास्थिति यही रही तो भविष्य में भी पांवटा में रेल लाइन कभी भी नहीं आ सकती।

क्षेत्र की जनता ने दर्जनों बार जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार को विभिन्न संस्थाओं व चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा ज्ञापन भी सौंपे गए, मगर यह मांग फाइलों में धूल फांक रही है। जिला सिरमौर के पांवटा साहिब व कालाअंब औद्योगिक क्षेत्रों में अभी सारा कच्चा माल व तैयार माल ट्रकों के द्वारा ही देश के अन्य राज्यों में पहुंचाया जाता है। यदि सिरमौर में रेल पहुंच जाती है, तो जहां समय पर उद्योगों को कच्चा माल व तैयार माल दूसरे स्थानों पर पहुंचाने में आसानी होगी। वहीं भारी-भरकम किराए से भी उद्योगपतियों को निजात मिलेगी।

सर्वे तक ही सीमित रही सिरमौर की रेलवे लाइन

पांवटा साहिब-कालाअंब को रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए कई बार सर्वे हुए, मगर कोई भी सर्वे बिना बजट के सिरे नहीं चढ़ पाया। प्रत्येक लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशियों द्वारा जिला सिरमौर को रेलवे से जोड़ने के वादे किए जाते हैं, मगर चुनाव के बाद दोबारा 5 वर्षों तक कोई भी रेल का नाम नहीं लेता।

जिला सिरमौर में आईआईएम सिरमौर, नाहन मेडिकल कॉलेज, पांवटा डेंटल कॉलेज, कालाअंब में शिक्षण संस्थान, पांवटा साहिब के समीप राजबन में बन रही भारतीय सेना की यूनिट सहित कई प्रदेश सरकार के बडे़ संस्थान खुले हैं जहां पर देश के विभिन्न हिस्सों से कर्मचारी नौकरी के लिए पंहुच रहे हैं।

बिना रेल के इन कर्मचारियों को यहां पंहुचने के भारी परेशनियों का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त पांवटा साहिब स्थित ऐतिहासिक गुरूद्वारा, मिश्रवाला में मदरसा, बडू साहिब इटरनल विवि, अंर्तराष्ट्रीय वैटलैंड श्रीरेणुकाजी झील, हरिपुरधार माता भंगायणी मंदिर व चूड़धार मंदिर में प्रति वर्ष देश विदेश के लाखों छात्रा व पर्यटक रेल के अभाव में गाडियों में कई दिनों तक सफर कर यहां पंहुचने को मजबूर है। प्रदेश सरकार भी पांवटा में रेल को पहुचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाने प्रयास नही कर रही है।