पाकिस्तान सेना का बड़ा बयान: करतारपुर साहिब जाने के लिए जरूरी है पासपोर्ट

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इस्लामाबाद: करतारपुर गलियारे के उद्घाटन एक ओर जहां भारत और पाकिस्तान में पूरी जोरों के साथ तैयारियां चल रही हैं तो दूसरी ओर पाकिस्तान सेना ने एक बड़ा बयान दिया है। पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि करतारपुर गलियारे के रास्ते द्वारा करतारपुर साहिब में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने के लिए श्रद्धालुओं के पास पासपोर्ट होना बहुत जरूरी है और बिना पासपोर्ट के श्रद्धालु करतारपुर साहिब नहीं जा सकेगा।

बता दें कि करतारपुर गलियारे के उद्घाटन 9 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान करेंगे और इमरान खान ने घोषणा की है कि करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट जरूरी नहीं है। श्रद्धालुओं के पास अपना पहचान पत्र होना जरूरी है, लेकिन अब पाकिस्तान की सेना ने कहा है कि श्रद्धालुओं के पास पासपोर्ट होना जरूरी है। भारत ने पाकिस्तान को यह स्पष्ट करने के लिए कहा था कि करतारपुर साहिब में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने के लिए श्रद्धालुओं के पास पासपोर्ट होना जरूरी है या नही जिस पर बयान जारी करते हुए पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा कि श्रद्धालुओं के पास पासपोर्ट होना जरूरी है।

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गफूर ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर ही पासपोर्ट की शर्त रखी जा रही है क्योंकि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। एक नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने घोषणा की थी कि करतारपुर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट जरूरी नहीं होगा और सिर्फ श्रद्धालुओं के पास पहचान पत्र होना चाहिए। इसके साथ ही इमरान खान ने कहा था कि श्रद्धालुओं को 10 दिन पहले भी रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही 9 और 12 नवंबर को करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं से 1465 रुपए फीस के तौर पर भी नहीं लिए जाएंगे।

करतारपुर गलियारे का उद्घाटन 9 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान करेंगे और 12 नवंबर को श्री गुरू नानक देव जी का 550वां प्रकाशोत्सव भारत और पाकिस्तान में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। करतारपुर गलियारा करतारपुर साहिब के गुरुद्वारा दरबार साहिब को पंजाब के गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा साहिब के साथ जोड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय सीमा से गुरुद्वारा दरबार साहिब सिर्फ चार किलोमीटर की दूरी पर है।