World Sleep Day, ना करे नींद से समझौता

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नींद हर व्यक्ति के दिन का अहम हिस्सा है क्योंकि ये इंसान के स्वास्थ्य और कल्याण का सूचक है। बदलती हुई जीवनशैली और व्यस्त जीवन में लोग अक्सर काम की वजह से अपनी नींद से समझौता कर लेते हैं।

हालांकि, नींद को प्रत्येक व्यक्ति हल्के में लेता है और नजरअंदाज कर देता है जो मानव शरीर को लगातार कम उत्पादक और थका हुआ बनाने का सबसे बड़ा कारण है। तो आज वर्ल्ड स्लीप डे के अवसर पर खुद से एक वादा करें कि किसी भी हालत में नींद से समझौता नहीं करेंगे। जानिए नींद को नजर अंदाज करके आप कितनी बड़ी भूल कर रहे हैं।

जागने के दौरान काम करने और अच्छा महसूस करने की क्षमता इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति पर्याप्त नींद ले रहा है या नहीं। साथ ही, इस बात पर निर्भर करता है कि आप उस समय ही सो रहे हैं जब आपका शरीर सोने के लिए तैयार है।

सबसे बड़ी बात तो ये है कि नींद की कमी आपके काम, स्कूल या किसी भी अन्य कार्यक्षमता में हस्तक्षेप कर सकती है। भारत में यह आम समस्या है। सभी आयु वर्ग के लोग खासकर युवा, पर्याप्त नींद ना लेने की शिकायत करते हैं। यह हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मधुमेह, सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित है। फिर से सोचें, क्या वास्तव में अपनी नींद से समझौता करके सही कर रहे हैं।

ऐसे कई करक हैं जो नींद की कमी का कारण बनते हैं और सबसे बड़ा कारण यह है कि जब आप एक असहज सरफेस पर सोते हैं। सही मैट्रेस्स का इस्तेमाल करना बेहद जरुरी है। एक अध्धयन के मुताबिक, मानव शरीर रात में लगभग 30 बार मुड़ता क्योंकि प्रेशर पॉइंट आपकी नींद की पर स्ट्रेस डालते हैं और रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। रात में स्वतंत्र रूप से सोने के लिए, नेचुरल फैब्रिक से बने गद्दों का इस्तेमाल करें। ये शरीर को फिर से जीवंत करने और मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है।

नींद की कमी के और भी छोटे-छोटे कारण हैं जिनकी तरफ हम ध्यान नहीं देते। इसे नियंत्रित करने के लिए इन सुझाव पर जरूर ध्यान दें। रात में तेज रोशनी के संपर्क में आने से बचें, रात के खाने से पहले हल्का भोजन करें, शारीरिक गतिविधि को कम से कम 30 मिनट दें, हल्के गर्म पानी से स्नान करें और अपने कमरे में हल्की रोशनी करके रखें।

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